नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार के बाद बस्तर में विकास की नई रफ्तार, निवेश और रोजगार के लिए खुल रहे नए द्वार : CM साय


रायपुर, 21 अगस्त 2026। कभी नक्सलवाद की चुनौती से जूझने वाला बस्तर अब शांति, विश्वास और विकास की नई कहानी लिख रहा है। सुरक्षा के मोर्चे पर मिली निर्णायक सफलता के बाद सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, मोबाइल कनेक्टिविटी, रोजगार और आजीविका से जुड़े विकास कार्यों ने रफ्तार पकड़ ली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल नक्सलवाद का अंत करना नहीं, बल्कि बस्तर में विकास और समृद्धि की ऐसी मजबूत नींव तैयार करना है, जिससे आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित और बेहतर हो।

मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पत्र सूचना कार्यालय, चेन्नई के निदेशक पी. अरुण कुमार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आए चेन्नई के पत्रकारों के दल से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में बदलती विकास तस्वीर, बस्तर में सुरक्षा और विकास, नई औद्योगिक नीति, निवेश, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।

चार दशक की चुनौती के बाद बस्तर में शांति और विकास का नया दौर

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि करीब चार दशकों तक नक्सलवाद ने बस्तर के विकास को गंभीर रूप से प्रभावित किया। दुर्गम क्षेत्रों में सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना बड़ी चुनौती थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय लोगों के बढ़ते विश्वास से बस्तर अब तेजी से शांति और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जिन इलाकों में कभी शासन की पहुंच मुश्किल थी, वहां अब विकास योजनाएं पहुंच रही हैं।

नियद नेल्लानार’ से गांवों तक पहुंच रहा विकास

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

मुख्यमंत्री ने बताया कि सुरक्षा कैंपों के आसपास के गांवों में ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। सड़क और मोबाइल कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, राशन, बैंकिंग और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं में भी विस्तार हुआ है।

उन्होंने कहा कि बस्तर की प्राकृतिक संपदा, संस्कृति और पर्यटन क्षमता को स्थानीय विकास से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।

पर्यटन से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर प्राकृतिक सौंदर्य, जलप्रपातों, वन संपदा, जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं के मामले में बेहद समृद्ध है। क्षेत्र में शांति स्थापित होने के साथ पर्यटन और स्थानीय उद्यमिता के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

सरकार का प्रयास है कि बस्तर की विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया जाए, ताकि पर्यटन के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।

नई औद्योगिक नीति से निवेश और रोजगार को बढ़ावा

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, वन और कृषि संपदा से समृद्ध होने के साथ ऊर्जा के क्षेत्र में भी मजबूत स्थिति रखता है। नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में रोजगार सृजन, स्थानीय संसाधनों के मूल्य संवर्धन और नए एवं उभरते क्षेत्रों में निवेश को विशेष प्राथमिकता दी गई है।

सरल प्रक्रियाओं और उद्योग अनुकूल वातावरण के कारण देश-विदेश के निवेशकों का आकर्षण छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा है। सरकार का फोकस ऐसे निवेश पर है, जिससे प्रदेश के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर पैदा हों।

AI, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, फार्मास्युटिकल, टेक्सटाइल और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे भविष्य के क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाएं तेजी से विकसित हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि पर्याप्त बिजली, बेहतर अधोसंरचना, देश के मध्य में स्थित भौगोलिक स्थिति और मजबूत कनेक्टिविटी छत्तीसगढ़ को निवेश के लिए अनुकूल बनाती है।

नवा रायपुर बन रहा शिक्षा और नई तकनीक का केंद्र

मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि रायपुर और नवा रायपुर देश के महत्वपूर्ण एजुकेशन हब के रूप में विकसित हो रहे हैं। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के संस्थानों के विस्तार से प्रदेश के विद्यार्थियों को राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने पर भी सरकार का लगातार फोकस है। दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने, मेडिकल शिक्षा का विस्तार करने और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं।

तमिलनाडु और छत्तीसगढ़ की संस्कृति का दिखा संगम

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री साय ने चेन्नई से आए पत्रकारों को छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कोसा फैब्रिक के शॉल भेंट कर सम्मानित किया। वहीं पत्रकारों के दल ने मुख्यमंत्री को तमिलनाडु के प्रसिद्ध महाबलीपुरम मंदिर की प्रतिकृति स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

cgnews24 Team

CGNews24 Team अनुभवी पत्रकारों और उत्साही लेखकों का एक समर्पित समूह। हमारा लक्ष्य छत्तीसगढ़ के स्थानीय मुद्दों से लेकर देश-दुनिया की प्रमुख घटनाओं की सबसे तेज़, सटीक और निष्पक्ष कवरेज 24x7 आप तक पहुँचाना है। हमसे जुड़ें: संपर्क करें (Email) | हमारी संपादकीय नीति पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

होमछत्तीसगढ़ खबरेंराजनीतिWhatsapp